अरे ऐसा क्या हुआ है आज जो हम कटघरे में खड़े हैं, खुली हवाओं में अमन से फहर रहे थे, आज उस हवा से गिर कर क्यों कचहरी में आ पड़े हैं। ...
Florets to the Bouquet
तुमने कहा है तो चलो आज तकलीफ़ लिखती हूँ, हर एक के मन की खीझ लिखती हूँ। मैं सबकी उलझन तो लिखूँगी ही, साथ में एक तरकीब लिखती हूँ। बहुत ...
